छत्तीसगढ़ मध्यप्रदेश के जिला सिंगरौली के पुलिस अधिकारियों की इंटरस्टेट बॉर्डर मीटिंग हुई आयोजित।
कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा, सुरक्षा के लिए बनाई गई विशेष रणनीति।

सूरजपुर। छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश की सीमावर्ती थानों के बीच इंटेलिजेंस और सूचनाओं के आदान प्रदान, सूचना तंत्र को मजबूत कर लॉ एंड ऑर्डर को पुख्ता बनाने, अवैध वस्तुओं की तस्करी को रोकने, किसी अपराध के बाद बार्डर इलाके में ठोस नाकाबंदी, आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त आदतन अपराधियों की जानकारी साझा करने एवं अपराधी तक पहुंचने बेहतर प्लानिंग के साथ कार्य को लेकर शनिवार, 30 अगस्त 2025 को मध्यप्रदेश के सिंगरौली में डीआईजी रीवां राजेश सिंह चंदेल की अध्यक्षता में इंटर स्टेट बॉर्डर मीटिंग हुई जिसमें एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर, पुलिस अधीक्षक सिंगरौली मनीष खत्री सहित अन्य पुलिस अधिकारी शामील हुए। बैठक में रीवां राजेश सिंह चंदेल ने कहा कि मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ की पुलिस आपसी तालमेल के साथ लगातार कार्य कर रही है जिसे और पुख्ता करने की रणनीति पर जोर दिया जायेगा, इंटर स्टेट बॉर्डर पर तैनात पुलिस टीम के साथ कड़ी सुरक्षा के लिए संयुक्त रूप से कार्रवाई पर चर्चा की। वारंटियों और फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए आपसी सहयोग,नशीले पदार्थों के परिवहन और संदिग्ध वस्तुओं की आवाजाही पर नजर रखकर सूचनाओं का आदान-प्रदान और कार्रवाई करने एवं इसके लिए बने वाटसएप ग्रुप को और सक्रिय बनाने को लेकर चर्चा किया।
एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा कि दोनों राज्यों की पुलिस मिलकर लॉ एंड ऑर्डर को पुख्ता करने के साथ ही त्वरित सूचना आदान-प्रदान कर अपराधियों को धरदबोचा जायेगा,आपराधिक गतिविधियों, अवैध वस्तुओं के परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने रणनीति के तहत समन्वय के साथ एक्शन ली जायेगी। अपराध घटित कर आरोपी राज्य की सीमा से बाहर न निकले इस पर जोर दिया जायेगा। इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिंगरौली सहित अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
मीटिंग में इन बिंदुओं पर मुख्य रूप से हुई चर्चा।
दोनों राज्यों की पुलिस अधिकारियों की इंटर स्टेट बार्डर मीटिंग में सीमावर्ती गांवों में रह रहे असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखना, बार्डर स्थित ग्रामों में अवैध शराब, अवैध हथियार और अन्य गतिविधियों में लिप्त बदमाशों पर निगरानी रखना और उन पर कार्रवाई करना। सीमावर्ती चेक पोस्टों पर लगातार वाहनों की चेकिंग सघनता से करना। असामाजिक तत्वों पर लगातार नजर रखकर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करना। फरार आरोपियों और वारंटों की तामीली समन्वय स्थापित कर सूची व आवश्यक सूचनाओं का लगातार आदान-प्रदान करना। बार्डर एरिया ग्रामों के लायसेंसीदारानों पर लगातार निगरानी, नियत रूप से पेट्रोलिंग करना तथा सीमावर्ती थाना और चौकी प्रभारियों का संयुक्त वॉटसएप ग्रुप बनाना शामील है।
