जिला चिकित्सालय में मारपीट की घटना के बाद आरोपियों के पक्ष में शक्ति प्रदर्शन। पुलिस प्रशासन सवालों के घेरे में

सूरजपुर। जिला अस्पताल में मारपीट की घटना के बाद हिरासत में लिए गए दो नामजद आरोपियों के पक्ष में शुक्रवार की रात व्यापारी समाज ने भी शक्ति प्रदर्शन कर पुलिस को यह एहसास कराया कि दवाब में किसी तरह की कार्रवाई वे भी बर्दाश्त करने की स्थिति में नही होंगे इसे लेकर देर रात तक थाना परिसर में लोगो का हुजूम इकट्ठा रहा। इस समूचे मामले में सूरजपुर पुलिस की भूमिका को लेकर जबरजस्त आक्रोश है।पुलिस की भूमिका से न केवल डाक्टर नाराज है बल्कि व्यापारी समाज भी आक्रोशित है।इतना के बाबजूद पुलिस सुझबूझ की कमी से जूझती दिखाई पड़ रही है।जिससे सरकार को जबाव देते नही बन रहा है।आज इस मसले को लेकर सीएम से भी सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कार्रवाई की बात कह दी है। शुक्रवार को पूरा दिन हंगामेदार रहा। पुलिस ने सुबह डाक्टर से मारपीट की घटना में नामजद दो आरोपियों को हिरासत में लिया इसके बाद थाने में पँहुचे पीड़ित डाक्टर से कथित तौर पर अपमानजनक व्यवहार किया तो मामला बिगड़ गया।लिहाजा अस्पताल कर्मियों ने थाना परिसर में धरना देकर नाराजगी जताई।यह मामला जैसे तैसे शांत हुआ तो देर शाम व्यापारी समाज ने शक्ति प्रदर्शन कर पुलिस की मुसीबत बढा दी।इस बीच पुलिस हिरासत में लिए गए दोनों आरोपियों को थाने में ही रखा था उन्हें न तो पूछताछ के बाद छोड़ा गया और न उन्हें अदालत में पेश किया जिससे मामला उलझ गया।पुलिस की इस लचर पचर कार्यप्रणाली से व्यापारी समाज आक्रोशित हो गया और शुक्रवार की रात में व्यापारियों का हुजूम थाने में एकत्रित होकर न केवल शक्ति प्रदर्शन किया बल्कि पुलिस को यह भी जताया कि दवाब में किसी तरह की कार्रवाई वे भी मंजूर नही करेंगे और अगर ऐसी हालत हुई तो नगर बन्द चक्काजाम जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।व्यापारियों ने कहा कि जातिगत जैसी कोई बात हुई नही तो फिर ऐसी धारा क्यों..?नामजद के आलावे अन्य के नाम पर किसी पर भी कार्रवाई दबाव में न हो बल्कि इसकी विधिवत जांच हो।तमाम ऐसे सवालो को लेकर थाना परिसर में हंगामा होता रहा।दूसरी ओर एसपी खुद थाने में डटे रहे पर रात दो बजे तक थाना परिसर में
गहमा गहमी बनी रही।डाक्टरो
असमंजस में फंसी पुलिस ने डाक्टरो को भी थाने बुलाया और मामले में यह भरोसा लिया कि वे भी थोड़ा संयम से काम ले और कोई ऐसा कदम न उठाएं जिससे अस्पताल की व्यवस्था पर असर पड़े। डाक्टरो ने भी कहा कि पुलिस निष्पक्ष होकर कार्रवाई करें तो ऐसी नोबत ही न आये।दूसरी ओर सूत्र के अनुसार डाक्टरो पर यह भी दबाव था कि वे मामले को आपसी
रजामंदी में सुलझा ले।
पुलिस की इस कार्यशैली से मामला इतना उलझ गया है कि जहाँ मामले में प्रदेश स्तर से जूनियर डाक्टर एसोसिएशन ने संज्ञान में लेकर अस्पताल में हुई मारपीट की घटना पर चिंता जाहिर करते हुए सरकार को एक ज्ञापन देकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। गिरफ्तारी न होने पर 13 मार्च को प्रदेशस्तर पर प्रदर्शन की चेतावनी दे दी है।ज्ञापन में डॉक्टरो पर बनाये जा रहे दबाव की भी निंदा की है।दूसरी ओर आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने भी एक बयान में नामजद आरोपियों को भीड़ द्वारा थाना से छुड़ा लिए जाने जैसी बात की कड़ी निंदा की है।बयान में पुलिस को कटघरे में लिया गया है।अइसा ने इस मामले को अत्यंत गम्भीर बताते हुए पूरे प्रदेश के डाक्टरो को एक जुट होने का आह्वान किया है और ढिलाई बरतने वाले प्रशासन पर जिम्मेदारी तय करने की बात कही है।इन तमाम बयान व ज्ञापन के बाद कोरिया में मुख्यमंत्री से इस मसले पर सवाल किया गया तो उन्होंने दो टूक कार्रवाई की बात कही है।ऐसे में असमजन्स में फंसी सूरजपुर पुलिस को अब उपाय नही सूझ रहा।
