फॉरेंसिक विभाग के विशेषज्ञों ने पोस्टमार्टम के महत्वपूर्ण पहलुओं पर डाला प्रकाश

द फाँलो न्यूज
शव विच्छेदन एवं वैधानिक उपयोगिता तथा सर्पदंश जैसे विषयों को लेकर रखी गई थी,एक दिवसीय कार्यशाला
सूरजपुर। संभागीय संयुक्त संचालक सरगुजा के निर्देशन व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सिविल सर्जन मुख्य अस्पताल अधीक्षक सूरजपुर के मार्गदर्शन में जिला चिकित्सालय सूरजपुर के सभाकक्ष में शव विच्छेदन एवं वैधानिक उपयोगिता के साथ-साथ सर्पदंश एवं बिच्छू के रोकथाम व उपचार पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया था। जिसमें मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर के फॉरेंसिक विभाग से आए विशेषज्ञों द्वारा पोस्टमार्टम एवं एम.एल.सी. के बारे में जानकारी दी गई । डॉक्टर संजीव खाखा द्वारा बताया गया कि हमारे पास ज्यादातर आत्महत्या, पानी में डूबने, एक्सीडेंट एवं मारपीट से हुए मृत व्यक्तियों के पोस्टमॉर्टम के लिए बॉडी आती है। जिसके लिए किस प्रकार पोस्ट मॉर्टम का रिपोर्ट तैयार करना हैं, शरीर के किन अंगो को प्रिजर्व करना है, किन सॉलूशन में बॉडी के अंगो को रखना हैं इत्यादि के बारे में बताया गया। डॉ. दीपक प्रकाश द्वारा 376 आईपीसी के तहत मारपीट के शिकार हुए व्यक्तियों का एमएलसी किन किन बातो को ध्यान में रखकर रिपोर्ट तैयार करना है उसके संबंध में चर्चा की गई। डॉ सन्तु बाघ ने पोस्ट मॉर्टम करते समय सटीक रिपोर्ट तैयार करने व रिपोर्ट को कोर्ट में प्रस्तुत करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला। डॉक्टर योगेश्वर कलकोंडा द्वारा सर्पदंश के मैनेजमेंट के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने बताया की किस प्रकार सर्पदंश एवं बिच्छू जैसे जहरीली जीवों के काटने पर प्राथमिक उपचार उपरांत विशेषज्ञों की निगरानी में सही ट्रीटमेंट द्वारा मरीज को बचाया जा सकता है। डॉ रूद्र द्वारा महामारी एवं आउट ब्रेक के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। सयुंक्त संचालक सरगुजा द्वारा इलाज के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई जिसमें उन्होंने सही डायग्नोसिस और प्राथमिकता के क्रम में उपचार की बात कही जिससे कि मरीज को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिल सके।
इस दौरान कार्यशाला में जिला चिकित्सालय के विशेषज्ञ चिकित्सक एवं समस्त विकासखंड के चिकित्सक उपस्थित थे।
