चाकू से हत्या करने की नियत से देव प्रकाश के हाथ व पेट में चाकू से हमला कर प्राण घातक चोट पहुंचाया जिसे उपचार के लिए अम्बिकापुर

पत्नी से बातचीत क्यों करता है कहकर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दिया और लोहे के
हत्या के प्रयास मामले में 01 आरोपी गिरफ्तार, थाना भटगांव पुलिस की कार्यवाही।
सूरजपुर।श्यामनगर निवासी ओम प्रकाश यादव ने थाना भटगांव में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 18 अप्रैल के रात्रि में इसके गाँव का बसंत राजवाडे इसके भतीजा देव प्रकाश यादव के घर के पास आकर बोलने लगा कि तुम्हारा छोटा भाई कहाँ है, पत्नी से बातचीत क्यों करता है कहकर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दिया और लोहे के चाकू से हत्या करने की नियत से देव प्रकाश के हाथ व पेट में चाकू से हमला कर प्राण घातक चोट पहुंचाया जिसे उपचार के लिए अम्बिकापुर लेकर गए है। प्रार्थी कि रिपोर्ट पर अपराध क्रमाँक 33/23 धारा 294, 307, 435 भादसं. के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।
पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज रामगोपाल गर्ग (भा.पु.से.) के सतत् मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक सूरजपुर रामकृष्ण साहू (भा.पु.से.) ने मामले के आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश थाना प्रभारी को दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह व एसडीओपी प्रतापपुर अमोलक सिंह के मार्गदर्शन में थाना भटगांव पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए मुखबीर की सूचना पर दबिश देकर आरोपी बसंत राजवाडे पिता राम कृष्ण राजवाडे उम्र 30 वर्ष निवासी मदनपुरपारा श्यामनगर थाना भटगांव को घेराबन्दी कर पकड़ा।
पूछताछ पर आरोपी ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया जिसके निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आलाजरब जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी भटगांव राजेन्द्र साहू, एसआई सी.पी.तिवारी, एएसआई सुमन्त पाण्डेय, गुरू प्रसाद यादव, प्रधान आरक्षक सुन्दरलाल, शत्रुधन पोर्ते, आरक्षक मनोज जायसवाल, मोहम्मद नौशाद, संतोष जायसवाल, प्रकाश साहू, भोलाशंकर राजवाडे, प्रहलाद पैकरा, शैलेश राजवाडे व रामचन्द राम सक्रिय रहे।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गंभीर हालत में लाया गया था और मरीज का तत्काल ऑपरेशन किया गया। मरीज के ऑपरेशन में पाया गया की आमाशय और
अंतड़ी कई जगह से फट गई थी जिसके वजह से पेट के अंदर लगभग 2 से 3 लीटर रक्त का स्राव होकर जमा हो गया था।
जिसका सर्जन डॉ अभिजीत दीवान, डॉ अर्जुन जायसवाल और एनेस्थीसिया डॉ दिव्यानंद और स्टाफ नर्स सलमा कुजूर के द्वारा 4 घंटे तक कड़ी मशक्कत के बाद आपरेशन सफलतापूर्वक किया गया। ऑपरेशन के बाद अब मरीज खतरे से बाहर है।

