समाज की सबसे मजबूत कडी परिवार है और उसकी को ताडने का काम कर रही

विदेशी ताकते स्वामी परमात्मानंद महाराज...

सूरजपुर रंग मंज मैदान में आयोजित श्री राम कथा में नगर वासी बढ़ चढ़ कर भाग ले रहे है कथा के तीसरे दिन व्यास सोनी परमात्मानंद जी ने कहा की हिन्दु समाज की सबसे मजबूत कडी परीवार है परीवार का आज अर्थ ही बदल गया है पति-पत्नि और बच्चे। परन्तु पहले हिन्दु परिवार का संयुक्त परिवार एक साथ रहता था। आज कल विदेशी ताकते भी हिन्दु परिवार को तोडने में लगी है उसमे सबसे बड़ा योग्दान मोबाईल, टीवी धारावाहिको ने ले लिया है। मोबाईल के कारण एक दुसरे से परिवार के लोगो की बात नहीं हो पाती आज की धारावाहिको ने परिवार के माताओं को लड़ना सिखा दिया है धारावाहिको एवं फिल्मो से फुहडता परोसी जा रही है हमे इस सभी से बचना है स्वामी जी ने बताया कि यह वर्ष राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ का शताब्दी वर्ष है शताब्दी वर्ष में परिवार को शिक्षित और संस्कारित करने के लिए कुटुम्ब प्रबोधन का विषय चलाया है जिसमें परिवार के साथ एक बार सामुहिक भोजन, सामुहिक भजन (पुजा) हमारी भाषा परिवार एवं समाज में अच्छी होनी चाहिए, हमे परिवार के साथ धार्मिक भ्रमण (यात्रा) में जाना चाहिए हमारा परिधान पहनावा भी भारतीय होना चाहिए हमारे घर में हिन्दु धर्म होना चाहिए जिसमें वास्तु का पालन हिन्दु मान बिन्दु, तुलसी, तोरण, अतिथि के स्वागत सबकी व्यवस्था होने के संबंध में बताया गया है संघ ने कहा है कि परिवार ठीक रहेगा तो सब ठीक हो सकता है स्वामी जी ने बताया कि आज अच्छे-अच्छे घर की माताएं जींस पहनने लगी है साडी मे हमारी माताएं बहुत सुन्दर लगती हैं।संघ की शाखाओं में देश प्रेम की बाते बतायी जाती है देश को और समाज को जोडने की बाते बताई जाती है। स्वामी परमात्मानंद जी ने राम के प्रकट होने के कारणो पर विस्तृत प्रकाश डाला उन्होने कहा की जब-जब धर्म की हानी होगी भगवान प्रकट होंगे इसी कड़ी में देवता में असुर वध किये गये थे, असुरी शक्तियां बढ़ गयी थी तो राम ने दशरथ के यहां अयोध्या में जन्म लिया उसके कई कारण थे मध सतुस्ता के तपस्या के कारण उन्होंने भगवान जैसे पुत्र वाहा था तो भगवान बोले मैं अपने जैस कहा से लाउंगा इसलिए मैं स्वयं जन्म लुगा, नारद मोह के कारण उन्होने भगवान विष्णु को राम का अवतार लेना पड़ा नारद जैसे भक्त के अहंकार को खत्म करने के लिए प्रभु अपने को भी श्रपित कर लिए जय विजय को मोक्ष दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने बारह नरसिंह राम और कृष्ण अवतार लिए/जालंधर एक पापी और कृर राजा था जिसकी मृत्यु वृन्दा के तपस्या और सतीत्व के कारण नहीं हो सकता था भगवान विष्णु जलंधर का अवतार ले लिए जिससे वृन्दा का तप भंग हुआ और भगवान शंकर के हाथ उसकी मृत्यु हो गयी वृन्दा के श्राप के कारण राम का जन्म हुआ।

तीसरे दिन कथा श्रमण में भीम सेन अग्रवाल पूर्व पदस्थ पाठ्य पुस्तक निगम, पूर्व कण्डन पार्षद अध्यक्ष मुकेश गोयल वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल गोयल, कांग्रेस नेता एवं पार्षद गैवी नाथ साहू, विजय सोनी संत्त सिंह जनपद अध्यक्ष प्रतिनिधि हिमांसी सीए, शिवशकर कुशवाहा, रामजतन कुशवाहा उपस्थित थे।

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