गायत्री खदान में कोयला लोड करने गए ट्रक चालक से मारपीट, अपराध दर्ज
कुछ ग्रामीणों की दबंगई व वसूली से ट्रक चालक परेशान

सूरजपुर। कोयला लोड करने गायत्री रेहर खदान गए ट्रक चालक के साथ एक युवक ने मारपीट कर दिया है। जिसकी रिपोर्ट यहां कोतवाली में पीड़ित चालक ने दर्ज कराया है। बताया गया है कि महावीरगंज पटेलधारा थाना रामानुजगंज जिला बलरामपुर का प्रेमसागर सिंह ट्रक क्र CG15EA9822 को लेकर 27 अप्रेल की रात्रि करीब 11.30 गायत्री खदान कोयला लोड करने गया हुआ था जहाँ पार्किंग स्थल में अपनी गाड़ी खड़ा कर ट्रक का एन्ट्री कराने के लिए अंदर गेट पास कार्ड मैने गेट में गया था यहाँ पर गार्ड रूम में गोविन्दा गार्ड मौजूद था वहाँ पर सोनू यादव नामक व्यक्ति भी था जो मेरे से बोला कि गेट पास काई अभी नहीं मिलेगा तुम्हारी गाडी सबेरे लगेगी कहा और गेट के अंदर एंट्री नहीं करने दूंगा बोलते हुए पार्किग का पैसा की बात बोलते हुए सोनू यादव ने मुझे गाली गलौज करने लगा जब मैंने गाली देने से मना किया तो माँ बहन की गंदी गंदी गाली देते हुए मेरे गले में पहने धागा को पकड़ कर हण्डा से मारपीट किया है मारपीट करने से मेरे बाया पैर जाघ के नीचे चोट आया दर्द है। मारपीट की घटना को गोविन्दा गार्ड एवं अंकुश कुमार ने देखा है एवं बाद में मैं अपने मालिक कलाम अंसारी को फोन पर घटना की जानकारी दिया और मेरे साथ हुए मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग किया है।
सरपंच व गांव के कुछ लोगो की चलती है खुलेआम दादागिरी
जिले के गेतरा स्थित गायत्री भूमिगत कोल माइंस से रोजाना सैकड़ों ट्रक कोयले का परिवहन होता है. इस कोल माइंस के आसपास वन भूमि की खाली पड़ी जमीन है। इस जमीन की आड़ में गेतरा गांव के सरपंच और दो दर्जन लोग अवैध पार्किंग बनाकर प्रति ट्रक 100 रुपए सुरक्षा के नाम पर वसूल रहे हैं. ऐसे में रोजाना लगभग 100 से ज्यादा ट्रक कोयला परिवहन करती है जिससे यहां हर महीने तीन लाख रूपए से ज्यादा की अवैध वसूली होती हैं. इतना ही नहीं, जो ड्राइवर पैसा नहीं देता उसकी बेदम पिटाई भी की जा रही हैं। सरपंच से लेकर उनके गुर्गों के द्वारा किसी प्रकार का न तो प्रशासन से और न ही वन विभाग से अनुमति ली गई है।
ट्रक चालको को हो रही परेशानी
खदान में पार्किंग के लिए जहां एक तरफ ट्रक मालिक से लेकर ड्राइवर तक बेहद परेशान हैं, वहीं पंचायत सरपंच की दलील है की ट्रकों की पार्किंग और सुरक्षा के नाम पर एक महीने में होने वाले तीन लाख से ज्यादा की इनकम को गांव के काम में ही लगाया जाता है. लेकिन, हैरानी की बात ये है कि गांव वालों को इसकी भनक तक नहीं है. मामले में ड्राइवरों का कहना है कि पार्किंग स्थल से आए दिन चोरी होती है. पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली करने साथ उनके साथ मारपीट भी की जाती हैं।
मूक दर्शक बने सुरक्षा कर्मी
गांव वालों की दादागिरी ऐस चरम पर पहुंच गई है कि कोल माइंस कंपनी के सुरक्षा कर्मियों ने टोल गेट पर ही अपना डेरा जमा लिए हैं कंपनी के सुरक्षा कर्मी खुद पूरे मामले से परेशान और लाचार हैं. अवैध वसूली को रोकने के लिए ना तो एसईसीएल कंपनी का कोई जिम्मेदार सामने आता है और न ही प्रशासनिक जिम्मेदार अधिकारी यहां आते हैं।
कोतवाली पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध किया है।जांच के बाद होगी कार्यवाही-
